अंग्रेजी शुरू से सीखने के लिए रोज़ तीस मिनट सुनने, बोलने और पुराने वाक्य याद करने में लगाएँ। तीस दिनों का लक्ष्य छोटी बातचीत करना है, धाराप्रवाह होने की गारंटी नहीं। हिंदी बोलने वालों को वाक्य का क्रम, सवाल बनाने का तरीका और समय के अनुसार क्रिया बदलने का अभ्यास साथ करना चाहिए।
दुकान पर ग्राहक से बात करना और ऑफिस में अपना काम समझाना अलग ज़रूरतें हैं। किसी बड़े शब्दकोश को पहले पन्ने से याद करने के बजाय अपना एक काम चुनें। मान लीजिए आपको मीटिंग में बताना है कि रिपोर्ट तैयार है। “The report is ready” आपका शुरुआती वाक्य हो सकता है। इसमें report से ज़्यादा उपयोगी पूरा ढाँचा है, क्योंकि बाद में इसी तरह खाना, कमरा या ऑर्डर तैयार होने की बात कही जा सकती है।
पहले दिन अपना परिचय रिकॉर्ड करें। नाम, शहर और काम के बारे में बिना लिखे बोलने की कोशिश करें। जहाँ रुकते हैं, वही अगला अभ्यास बताएगा। क्या शब्द पता हैं लेकिन क्रम नहीं बनता? क्या “मैं काम करता हूँ” कहते हुए “I work do” निकलता है? हिंदी में मुख्य क्रिया अक्सर आखिर के पास आती है, जबकि साधारण अंग्रेजी कथन में क्रिया आम तौर पर subject के बाद आती है।
यह अभ्यास का सुझाया हुआ समय है, किसी शोध से निकली सफलता की निश्चित मात्रा नहीं। किसी दिन काम ज़्यादा हो तो पुराना संवाद दोहराएँ। अगली सुबह बहुत सारे नए शब्द जोड़कर कमी पूरी करने की कोशिश ज़रूरी नहीं। खास तौर पर उस वाक्य को फिर बोलें जिसमें हिंदी का क्रम लौट आता है। समझ में आया नियम और बातचीत में इस्तेमाल हुआ नियम अलग चरण हैं।
“My name is Neha”, “I live in Jaipur” और “I work in a shop” से शुरू करें। हिंदी का “मेरा नाम नेहा है” अंग्रेजी में भी आसानी से बनाया जा सकता है, लेकिन “मैं जयपुर में रहती हूँ” का क्रम बदलता है। पहले I, फिर live, फिर in Jaipur। रोज़ अलग शहर या व्यक्ति रखकर बोलें, ताकि सिर्फ अपना परिचय रट न जाए।
पेशा बताते समय “I’m a teacher” या “I’m an accountant” कहें। हिंदी में “मैं अध्यापक हूँ” के पहले एक जोड़ना ज़रूरी नहीं, लेकिन अंग्रेजी में इस तरह के एकवचन पेशे के साथ a या an आता है। पुरुष और महिला दोनों “I’m a teacher” कह सकते हैं। अंग्रेजी की इस क्रिया में हिंदी के करता और करती जैसा बदलाव नहीं होता। अपने लिंग के अनुसार अलग अंग्रेजी क्रिया खोजने की ज़रूरत नहीं है।
फिर “Where do you live?” और “What do you do?” पूछें। दूसरा सवाल परिचय में अक्सर पेशा पूछता है। हिंदी का “आप कहाँ रहते हैं?” सीधे “You where live?” नहीं बनेगा। सवाल का पूरा ढाँचा सीखें। हफ्ते के अंत में किसी साथी से परिचय लें और उनके जवाब के आधार पर एक नया सवाल पूछें।
“Could you help me, please?” और “I’d like some water, please” उपयोगी शुरुआत हैं। हिंदी में आप कहकर सम्मान दिखता है; अंग्रेजी में you अपने आप आप और तुम का फर्क नहीं बताता। विनम्रता शब्दों, आवाज़ और अनुरोध के ढाँचे से आती है। हर अनजान व्यक्ति को “Give me...” कहना बहुत सी स्थितियों में ज़रूरत से ज़्यादा सीधा लग सकता है।
एक छोटी दुकान का संवाद बनाएँ। “How much is this?” के बाद कीमत सुनें और “I’ll take it” या “I’ll think about it” कहें। अगर पसंद का सामान नहीं है तो “Do you have a smaller one?” पूछें। हिंदी में छोटा वाला समझने के लिए संदर्भ काफी होता है; अंग्रेजी में one यहाँ पहले बताए सामान की जगह आता है। इस तरह एक ही शब्द कई खरीदारी स्थितियों में काम आता है।
हिंदी का कल बीते और आने वाले दिन, दोनों के लिए इस्तेमाल होता है। अंग्रेजी में yesterday और tomorrow अलग हैं। अभ्यास की शुरुआत में इन्हें स्पष्ट लिखें। “I called yesterday” और “I’ll call tomorrow” अलग बातें कहते हैं। केवल फोन करने का शब्द याद करना काफी नहीं; सुनने वाले को यह भी समझना है कि फोन हो चुका है या होना बाकी है।
हर दिन अपने जीवन के बारे में एक पुराना और एक वर्तमान वाक्य बोलें। “I worked from home yesterday. I usually work in the office.” फिर एक योजना जोड़ें: “I’m going to visit my parents this weekend.” हिंदी के रहा था और चुका हूँ जैसे ढाँचे अंग्रेजी समझने में मदद करते हैं, लेकिन शब्दशः समानता मानकर हर वाक्य न बनाएँ। अभी परिचित क्रियाओं से साफ बात करना अधिक उपयोगी है।
“I like this area because it’s quiet” में कारण जोड़ें। हिंदी में क्योंकि और इसलिए एक ही लंबे वाक्य में सुनाई दे सकते हैं; इस शुरुआती अंग्रेजी ढाँचे में because के साथ अपने आप so न जोड़ें। “The room is small, but it’s comfortable” से अंतर बताएँ। दो साफ वाक्य उस लंबे वाक्य से बेहतर अभ्यास हैं जिसका बीच में क्रम खो जाए।
अब साथी को जानकारी बदलने दें। आपने सोमवार की मीटिंग सीखी थी, वे मंगलवार कहें। “Do you mean Tuesday?” से पुष्टि करें। “Could you say that again, please?” दोहराने को कहता है। हिंदी में “क्या?” कई संदर्भों में पर्याप्त होता है, लेकिन अनजान व्यक्ति के साथ पूरा अनुरोध बातचीत को अधिक सहज बना सकता है। लक्ष्य हर शब्द पहली बार में समझना नहीं, बातचीत आगे बढ़ा पाना है।
हर अंग्रेजी शब्द की देवनागरी वर्तनी बनाकर उसी पर निर्भर न रहें। हिंदी का व और अंग्रेजी के v तथा w हमेशा एक जैसे नहीं होते। Vest और west अलग शब्द हैं; पहले किसी भरोसेमंद शब्दकोश में दोनों सुनें, फिर अपने वाक्य में बोलें। इसी तरह स्कूल बोलने की आदत से English school के पहले अतिरिक्त स्वर जोड़ने पर ध्यान दें, अगर आपकी रिकॉर्डिंग में ऐसा हो।
इन बातों को सभी हिंदी बोलने वालों की अनिवार्य गलती न समझें। अपना वास्तविक बोलना सुनें और वही सुधारें जो अर्थ समझने में बाधा देता है। Worked या needs के आखिर का हिस्सा गायब हो जाए तो समय या subject की जानकारी कम स्पष्ट हो सकती है। किसी खास देश जैसा accent बनाना इस महीने का लक्ष्य नहीं है।
उनतीसवें दिन सबसे कठिन संवाद दोहराएँ और उसके सवाल में एक बदलाव करें। तीसवें दिन पहले दिन वाला परिचय फिर रिकॉर्ड करें और उसके बाद एक अनजान सवाल का जवाब दें। देखें कि अब क्रम बनता है या नहीं, पेशे से पहले article आता है या नहीं, और कल का सही अर्थ निकलता है या नहीं। एक रिकॉर्डिंग से CEFR स्तर घोषित न करें। अगला महीना उसी समस्या पर केंद्रित करें जो अब भी अलग-अलग स्थितियों में बार-बार लौटती है।
इस योजना में ऐसा वादा नहीं है। आप परिचय, ज़रूरत और कुछ अनुभव बताने का अभ्यास करेंगे। आगे की गति आपके शुरुआती ज्ञान, नियमित अभ्यास और अंग्रेजी इस्तेमाल करने के अवसरों पर निर्भर करेगी।
नहीं। उपयोगी वाक्य बोलें और उनकी गलतियों को समझने के लिए नियम सीखें। उदाहरण के लिए, I am tired में am क्यों चाहिए, यह समझना तुरंत इस्तेमाल किया जा सकने वाला नियम है।
सवाल रिकॉर्ड करके थोड़ी देर बाद उसका जवाब दें। फिर सवाल की जगह, समय या व्यक्ति बदलें। अपनी रिकॉर्डिंग सुनें और किसी अच्छे उदाहरण से तुलना करें, ताकि सिर्फ एक तैयार परिचय दोहराते न रहें।